Tata Steel:₹100 में बदला Jamshedpur FC का मालिकाना हक, Tata Steel ने Churchill Brothers को सौंपा क्लब
सर्च न्यूज: सच के साथ: भारतीय फुटबॉल में बड़ा बदलाव सामने आया है। Tata Steel ने Jamshedpur Football & Sporting Private Limited (JFSPL) में अपनी 100% हिस्सेदारी Goa के Churchill Brothers Football Club को मात्र ₹100 के टोकन मूल्य पर हस्तांतरित करने पर सहमति दी है। दोनों पक्षों ने 14 अगस्त 2026 को इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह कदम Tata Steel के Jamshedpur FC के पेशेवर फुटबॉल संचालन से बाहर निकलने का रास्ता साफ करता है।
सौदे में क्या-क्या शामिल है?: इस हस्तांतरण के साथ Jamshedpur FC का Indian Super League (ISL) sporting licence, 12 खिलाड़ियों के अनुबंध और 2 कोचों के अनुबंध भी Churchill Brothers को स्थानांतरित किए जा रहे हैं। Tata Steel के अनुसार Churchill Brothers सितंबर 2026 से इन खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंध संभालेगा, जिससे उन्हें पेशेवर फुटबॉल जारी रखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह तत्काल प्रभाव से अंतिम नहीं मानी जानी चाहिए। सौदा AIFF की मंजूरी और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के अधीन है तथा उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसे 31 अगस्त 2026 तक पूरा करने की उम्मीद है।
Tata Steel ने क्यों लिया यह फैसला? इससे पहले Tata Steel ने 2026-27 ISL सीजन से Jamshedpur FC को हटाने का फैसला किया था। कंपनी ने अब अपनी फुटबॉल रणनीति को grassroots और youth development की ओर केंद्रित करने की बात कही है। Tata Steel के मुताबिक Tata Football Academy और स्थानीय प्रतिभाओं को विकसित करने तथा खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर आगे भी जोर दिया जाएगा
Churchill Brothers के लिए ISL में वापसी का रास्ता: Goa का Churchill Brothers भारतीय फुटबॉल का पुराना और प्रतिष्ठित क्लब है। Tata Steel से sporting licence और संबंधित अधिकारों के हस्तांतरण के बाद Churchill Brothers के लिए ISL में खेलने का रास्ता खुल सकता है, हालांकि इसके लिए AIFF की अंतिम मंजूरी जरूरी है। क्लब के पास दो I-League खिताब सहित भारतीय घरेलू फुटबॉल का लंबा इतिहास है।
जमशेदपुर के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बड़ा बदलाव: इस फैसले का जमशेदपुर में भावनात्मक असर भी है। Jamshedpur FC पिछले कई वर्षों से शहर की फुटबॉल पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। Tata Steel के स्वामित्व के समाप्त होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्लब की पहचान, नाम और शहर के साथ उसका जुड़ाव किस रूप में आगे जारी रहेगा।
