September 4, 2026

Tata Workers Union:टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान संशोधन पर राज्य सरकार की मुहर, 106 साल में चौथा बड़ा बदलाव

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सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर, 14 अगस्त 2026: टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान और उपविधियों (बायलॉज) में किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों को झारखंड सरकार के रजिस्ट्रार ने अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पिछले वर्ष यूनियन की वार्षिक आमसभा (AGM) में पारित किए गए संशोधन अब आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गए हैं। यह टाटा वर्कर्स यूनियन के 106 वर्षों के इतिहास में संविधान और बायलॉज में किया गया चौथा बड़ा संशोधन माना जा रहा है।

यूनियन कमेटी की संरचना में बड़ा बदलाव: संशोधित बायलॉज के अनुसार आगामी चुनाव में यूनियन कमेटी में 200 सदस्य होंगे। इसके बाद कंपनी के मैनपावर और MOR (Manpower Organisation Ratio) के आधार पर प्रत्येक 50 कर्मचारियों पर एक प्रतिनिधि के फार्मूले से कमेटी की संख्या तय की जाएगी। हालांकि, किसी भी परिस्थिति में कमेटी की संख्या 160 से कम नहीं होगी। इससे कंपनी में कर्मचारियों की संख्या में होने वाले बदलाव के अनुरूप यूनियन की प्रतिनिधित्व व्यवस्था को लचीला बनाया जा सकेगा।

यूनियन के कार्यकाल में भी बदलाव: संशोधन के तहत यूनियन का कार्यकाल अब Industrial Relations Code, 2020 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। नए नियम के अनुसार यूनियन का सामान्य कार्यकाल सर्टिफिकेशन की तारीख से तीन वर्ष होगा। यदि इस दौरान प्रबंधन के साथ कोई महत्वपूर्ण वार्ता या वेतन समझौते की प्रक्रिया चल रही हो, तो कार्यकाल को अधिकतम छह महीने तक बढ़ाया जा सकेगा।

कैसे मिली अंतिम मंजूरी?: संशोधनों को पहले यूनियन की वार्षिक आमसभा में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद कार्यकारिणी समिति से अनुमोदन कराया गया और नियमानुसार प्रस्ताव को झारखंड सरकार के रजिस्ट्रार के पास भेजा गया। अब रजिस्ट्रार की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद संशोधित संविधान और बायलॉज प्रभावी हो गए हैं। यूनियन के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संगठन को बदलते औद्योगिक ढांचे, कर्मचारियों की संख्या और नए श्रम कानूनों के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई है। टाटा वर्कर्स यूनियन लंबे समय से टाटा स्टील के कर्मचारियों के सामूहिक प्रतिनिधित्व और औद्योगिक संबंधों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।

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