September 4, 2026

Nepal flash floods:नेपाल ने फ्लैश फ्लड के लिए भारत से मांगा मुआवजा? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

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सर्च न्यूज: सच के साथ: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद जलवायु न्याय और मुआवजे को लेकर भारत और नेपाल के बीच चर्चा तेज हो गई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा था कि जलवायु परिवर्तन के लिए ऐतिहासिक रूप से अधिक जिम्मेदार बड़े उत्सर्जक देशों को नेपाल जैसे प्रभावित और कम उत्सर्जन वाले देशों की मदद करनी चाहिए।

नेपाल के बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का हमेशा से मानना रहा है कि जलवायु परिवर्तन एक साझा चुनौती है। उन्होंने जलवायु कार्रवाई में “साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं” के सिद्धांत पर जोर दिया। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुश्किल समय में वह नेपाल के साथ खड़ा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने आपदा के तुरंत बाद राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग शुरू किया और नेपाल के पुनर्निर्माण एवं रिकवरी में भी समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

विवाद बढ़ने के बाद नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने स्पष्ट किया कि नेपाल सरकार ने भारत, चीन या अमेरिका से सीधे तौर पर मुआवजा नहीं मांगा है। उनका कहना था कि उनकी अपील वैश्विक समुदाय से थी कि जलवायु परिवर्तन के कारण नेपाल जैसे संवेदनशील देशों पर पड़ रहे प्रभावों को समझा जाए और दीर्घकालिक सहयोग दिया जाए।

नेपाल में आई इस आपदा में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं। बड़े पैमाने पर घरों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। भारत ने भी नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 275 भारतीयों के अभी भी लापता होने की जानकारी दी गई है।

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