“नीट अभ्यर्थी की मौत पर मां का फूटा गुस्सा, पेपर लीक दोषियों को फांसी दो”
सर्च न्यूज: सच के साथ:
मध्य प्रदेश की रहने वाली 18 वर्षीय आकांक्षा चतुर्वेदी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अपने परिवार के साथ नागपुर आई थीं। उन्होंने 3 मई को NEET परीक्षा दी थी और परिवार के अनुसार उनका पेपर काफी अच्छा गया था। लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की घोषणा ने उन्हें गहरे मानसिक आघात में डाल दिया। 20 मई को उन्होंने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में आकांक्षा ने लिखा कि अब उनमें दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं बचा है और उन्हें अपने सपने टूटते हुए दिखाई दे रहे हैं।
आकांक्षा की मां नीलम चतुर्वेदी ने कहा कि उनके पति पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं का सबसे बड़ा नुकसान उन मेहनती छात्रों को होता है, जो वर्षों तक कठिन परिश्रम करके अपने भविष्य का सपना देखते हैं। परिवार का कहना है कि आकांक्षा पहले प्रयास में 650 से अधिक अंक मिलने को लेकर आश्वस्त थीं, लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वे पूरी तरह टूट गई थीं।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शनकारी और प्रभावित परिवार दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बीच आकांक्षा की मां की भावुक अपील ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
