September 6, 2026

Jharkhand: JPSC परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, अभ्यर्थियों को बड़ी राहत; 15 दिनों में कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

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सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से संबंधित नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस आदेश से उन सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियां सरकार के रद्दीकरण आदेश के बाद प्रभावित हो रही थीं।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए कहा गया कि परीक्षा में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए, लेकिन बिना व्यक्तिगत स्तर पर दोष तय किए पूरी परीक्षा और नियुक्तियों को रद्द करने से उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने मेहनत और योग्यता के आधार पर सफलता हासिल की है। अदालत ने फिलहाल सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की आगे सुनवाई का रास्ता खुला रखा है।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जवाब मांगा है। सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अब सरकार को अदालत के सामने परीक्षा रद्द करने के कारण, संबंधित दस्तावेज और अपना पूरा पक्ष रखना होगा। इसके बाद अदालत मामले के तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे का फैसला करेगी।

इस फैसले का तत्काल असर JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के जरिए चयनित 342 अभ्यर्थियों पर पड़ता है। इसके अलावा फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा के जरिए चयनित अभ्यर्थियों को भी राहत मिली है। रिपोर्टों के अनुसार, फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती में 56 पद थे, जिनमें करीब 54 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ था। सरकार के रद्दीकरण आदेश पर रोक लगने के बाद इन नियुक्तियों पर तत्काल कार्रवाई का खतरा फिलहाल टल गया है।

हालांकि, हाईकोर्ट का यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल सरकार के रद्दीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगी है। अंतिम निर्णय सरकार के जवाब, उपलब्ध दस्तावेजों, परीक्षा से जुड़े तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई के बाद होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन परीक्षा और नियुक्तियों का भविष्य अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है।इस फैसले के बाद सफल JPSC अभ्यर्थियों में राहत की स्थिति है। वहीं परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे अभ्यर्थी संगठनों की नजर अब सरकार के जवाब और हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर रहेगी। आने वाले दिनों में सरकार का काउंटर एफिडेविट इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।