September 6, 2026

ग्रेट निकोबार परियोजना पर कांग्रेस का बड़ा हमला

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कांग्रेस ने एक बार फिर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार देश को “पर्यावरणीय आपदा” की ओर ले जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैव विविधता से समृद्ध इस द्वीप पर प्रस्तावित विकास परियोजना से प्रकृति और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर अपनी वर्षों की सार्वजनिक टिप्पणियों, संसद में दिए गए वक्तव्यों और केंद्रीय मंत्रियों को लिखे गए पत्रों का संकलन साझा किया। उनका कहना है कि ग्रेट निकोबार परियोजना के खिलाफ विभिन्न नागरिक समूहों और सामाजिक संगठनों की ओर से कोलकाता हाई कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित हैं। इन याचिकाओं में पर्यावरण संरक्षण कानून, वन अधिकार अधिनियम, तटीय विनियमन नियमों और इको-सेंसिटिव ज़ोन से जुड़े प्रावधानों के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया है।

कांग्रेस का आरोप है कि परियोजना के तहत प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और अन्य निर्माण कार्यों से प्रवाल भित्तियों (कोरल रीफ), वन्यजीवों और द्वीप की अनूठी जैव विविधता को भारी नुकसान हो सकता है। जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) पर गंभीर सवाल हैं और उन्होंने इस संबंध में पर्यावरण, जनजातीय मामलों तथा रक्षा मंत्रालय को कई पत्र लिखकर विस्तृत जवाब मांगे हैं।

हालांकि, केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक जरूरतों और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार का कहना है कि परियोजना में पर्यावरण संरक्षण के सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जाएगा। ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर यह मुद्दा अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।