September 6, 2026

Dhanbad: बीसीसीएल की 141.50 एकड़ जमीन पर खनन विवाद खत्म, सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

24_04_2024-illegal_mining_in_dhanbad_23704041_191821596

सर्च न्यूज: सच के साथ: धनबाद, 22 अगस्त 2026: धनबाद के जामाडीह मौजा में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की माइनिंग रोकने के मामले में झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट के नवंबर 2024 के फैसले को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने BCCL के पक्ष में फैसला देते हुए राज्य सरकार के खनन रोकने संबंधी दोनों आदेशों को रद्द कर दिया था।

मामला जामाडीह मौजा की 141.50 एकड़ जमीन से जुड़ा है। राज्य सरकार का दावा था कि यह जमीन संरक्षित वन भूमि के दायरे में आती है और यहां आवश्यक अनुमति के बिना खनन किया जा रहा है। इसी आधार पर वर्ष 2010 में माइनिंग रोकने का आदेश जारी किया गया था। बाद में 2016 में सरकार ने संशोधित आदेश भी जारी किया था। BCCL ने इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने राज्य सरकार की चुनौती को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि राज्य सरकार की याचिका में पर्याप्त मेरिट नहीं है। इससे जामाडीह क्षेत्र में BCCL की माइनिंग गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने का रास्ता बंद हो गया है।

वहीं, BCCL की ओर से पहले हाईकोर्ट में दलील दी गई थी कि विवादित जमीन पर लंबे समय से खनन गतिविधियां होती रही हैं। कंपनी के अनुसार, कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद यह जमीन केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय के अधीन आ गई थी। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने भारतीय वन अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए खनन के लिए अनुमति की आवश्यकता बताई थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद धनबाद के जामाडीह क्षेत्र में BCCL की खनन गतिविधियां जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला राज्य सरकार और केंद्र के अधीन काम करने वाली कोयला कंपनी के बीच लंबे समय से चले आ रहे कानूनी विवाद में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

You may have missed