November 6, 2026

$100 Billion Mission:100 अरब डॉलर का मिशन: पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा से शुरू हुआ दोस्ती और व्यापार का एक नया ऐतिहासिक दौर, क्या और बेहतर होंगे हालात?

Screenshot_20260708_175243_Chrome

सर्च न्यूज: सच के साथ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुलाई 2026 में हो रही ऑस्ट्रेलिया की यह आधिकारिक यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 8 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया का अपना दौरा समाप्त कर पीएम मोदी मेलबर्न पहुंचे, जहां वे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के साथ वार्षिक लीडर्स समिट में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

व्यापारिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच रिश्तों की एक नई कहानी लिखी जा रही है। 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हुए Ind-Aus ECTA (आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता) के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद, अब भारतीय निर्यात के लिए ऑस्ट्रेलिया में शून्य-शुल्क बाजार पहुँच सुनिश्चित हो गई है। द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में पहले ही 24 अरब डॉलर के पार पहुँच चुका है। अब दोनों देशों का ध्यान इसे अगले स्तर पर ले जाते हुए व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को अंतिम रूप देने पर है, जिससे सेवा क्षेत्र, कृषि और विनिर्माण में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस दौरे का एक अन्य प्रमुख स्तंभ है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की चुनौतियों के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया समुद्री सुरक्षा, सैन्य अभ्यास और रक्षा तकनीक साझा करने पर जोर दे रहे हैं। दोनों नेता रक्षा आपूर्ति श्रृंखला (Defense Supply Chain) को लचीला बनाने और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही, महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी भविष्य की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्णायक साबित होगी।

सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए मेलबर्न में 9 जुलाई को ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ नामक एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसमें हजारों प्रवासी भारतीयों के शामिल होने की उम्मीद है। पीएम मोदी इस दौरान भारतीय छात्रों के वीजा संबंधी मुद्दों और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) क्षेत्र में सौर गठबंधन जैसे विषयों पर भी वार्ता करेंगे। यह दौरा न केवल आर्थिक बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी दोनों देशों को करीब लाने का काम कर रहा है।

You may have missed