November 6, 2026

सिर्फ 5 मिनट की गहरी सांसें तनाव कम करने में हो सकती हैं मददगार, जानिए इसका आसान तरीका

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां और लगातार बढ़ती व्यस्तता लोगों के मानसिक तनाव का प्रमुख कारण बनती जा रही हैं। ऐसे में अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए रोजाना कुछ मिनट निकालना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, धीमी और गहरी सांस लेने का अभ्यास तनाव को नियंत्रित करने और मन को शांत रखने का एक सरल तरीका हो सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी विशेष उपकरण या जगह की जरूरत नहीं होती। दिन में केवल पांच मिनट का समय निकालकर भी इस अभ्यास की शुरुआत की जा सकती है।


जब व्यक्ति तनाव में होता है, तो उसकी सांसें तेज और उथली हो सकती हैं तथा हृदय गति भी बढ़ सकती है। इसके विपरीत, धीरे-धीरे और सहज तरीके से सांस लेने से शरीर को आराम की स्थिति में आने में मदद मिलती है। इस दौरान व्यक्ति का ध्यान सांसों पर केंद्रित होता है, जिससे रोजमर्रा की चिंताओं और नकारात्मक विचारों से कुछ समय के लिए दूरी बनाने में सहायता मिल सकती है। नियमित अभ्यास से तनाव और बेचैनी को संभालने की क्षमता बेहतर हो सकती है।


इस अभ्यास को करना बेहद आसान है। सबसे पहले किसी शांत स्थान पर आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं। अब नाक से धीरे-धीरे सांस अंदर लें और बिना जोर लगाए उसे आराम से बाहर छोड़ें। चाहें तो सांस अंदर लेते समय एक से पांच तक गिनें और सांस छोड़ते समय भी एक से पांच तक गिनती करें। इस प्रक्रिया को लगभग पांच मिनट तक दोहराएं। ध्यान रखें कि सांसों को जबरदस्ती गहरा न करें और न ही सांस रोकने का दबाव बनाएं। यदि चक्कर आए या असहज महसूस हो, तो अभ्यास रोक दें।


मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रोजाना पांच मिनट का यह अभ्यास सुबह उठने के बाद, काम के बीच या सोने से पहले किया जा सकता है। हालांकि, यह गंभीर तनाव, चिंता या किसी चिकित्सकीय समस्या का इलाज नहीं है, बल्कि स्वयं को शांत रखने का एक सहायक उपाय है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना भी जरूरी है। नियमितता, पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और संतुलित दिनचर्या के साथ यह छोटी-सी आदत स्वस्थ और संतुलित जीवन की दिशा में एक उपयोगी कदम बन सकती है।