world tribal day: विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड में दिखी जनजातीय संस्कृति की भव्य झलक, राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदिवासी महोत्सव के उद्घाटन समारोह में रहे मौजूद
सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड समेत देश और दुनिया में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, पहचान और विरासत को सम्मान के साथ याद किया जा रहा है। इसी क्रम में झारखंड में आयोजित आदिवासी महोत्सव के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेशवासियों और आदिवासी समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन आदिवासी समाज की पहचान, विरासत और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज की विशिष्ट पहचान और गौरवशाली विरासत को संरक्षित एवं मजबूत करने के उद्देश्य से कुछ वर्ष पूर्व झारखंड आदिवासी महोत्सव की शुरुआत की गई थी।महोत्सव के माध्यम से झारखंड की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, जीवनशैली, परंपराओं और लोक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। समारोह में विभिन्न आदिवासी समुदायों की संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज केवल अपनी परंपराओं को संजोकर रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते समय के साथ बेहतर और मजबूत भविष्य की दिशा में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। महोत्सव में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार, कारीगर और विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोग शामिल हुए हैं।झारखंड के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भी आदिवासी समुदायों के लोग महोत्सव में पहुंचे हैं। कलाकारों और कारीगरों द्वारा अपनी पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे अलग-अलग जनजातीय समुदायों के बीच सांस्कृतिक संवाद और आपसी जुड़ाव को भी बढ़ावा मिल रहा है।विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित यह महोत्सव झारखंड की जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और गौरव को नई पहचान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों तक इस समृद्ध विरासत को पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।