Jharkhand: 14वीं JPSC परीक्षा पर बड़ा संकट: परीक्षा रद्द होने के संकेत, TDPL के वित्तीय लेनदेन की ED करेगी जांच
सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की बात सामने आ रही है। छात्रों के आंदोलन और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच 14वीं JPSC परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे। छात्रों की ओर से कटऑफ जारी नहीं करने, OMR शीट उपलब्ध नहीं कराने और परिणाम प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। इसके बाद रांची में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हुआ।
मामले की जांच के दौरान परीक्षा एजेंसी TDPL भी जांच के दायरे में आई। रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने JPSC मुख्यालय और TDPL से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, सर्वर डेटा, OMR रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
विवाद बढ़ने के बाद JPSC ने 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया था। साथ ही 2026 के परीक्षा कैलेंडर में प्रस्तावित अन्य परीक्षाओं को भी रोक दिया गया था।
TDPL के वित्तीय लेनदेन की संभावित ED जांच से मामले का वित्तीय पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या लेनदेन से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आते हैं, तो परीक्षा संचालन और एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल और गहरे हो सकते हैं।
14वीं JPSC परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने की स्थिति में पूरी चयन प्रक्रिया पर नए सिरे से निर्णय लेना पड़ सकता है। फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर सरकार, JPSC और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर है। छात्रों की प्रमुख मांग निष्पक्ष जांच, पारदर्शी प्रक्रिया और दोषियों पर कार्रवाई की है।
