September 5, 2026

New Delhi: संसद में महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर हुई तीखी बयानबाजी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: नई दिल्ली। महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच महिला आरक्षण के मुद्दे पर तीखी बयानबाजी हुई। रिजिजू ने कांग्रेस और राहुल गांधी से महिला आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण के प्रावधान को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। रिजिजू के अनुसार, कानून के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जनगणना और परिसीमन से जुड़ी हुई है और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही इसे लागू किया जा सकता है।

वहीं, राहुल गांधी ने सरकार की मंशा और आरक्षण लागू होने में लगने वाले समय को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस का तर्क है कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण को मौजूदा लोकसभा की 543 निर्वाचित सीटों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। दोनों नेताओं के बीच विवाद केवल महिला आरक्षण तक सीमित नहीं है। परिसीमन और ओबीसी प्रतिनिधित्व भी इस राजनीतिक बहस के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। राहुल गांधी ने महिला आरक्षण के साथ ओबीसी प्रतिनिधित्व और जातीय जनगणना के मुद्दे को जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए, जबकि रिजिजू ने कांग्रेस के पुराने रुख का हवाला देते हुए पलटवार किया।

महिला आरक्षण से जुड़ा कानून संसद से पारित हो चुका है, लेकिन इसके वास्तविक क्रियान्वयन की समय-सीमा और परिसीमन से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं। इसी मुद्दे ने संसद के भीतर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

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