September 6, 2026

The dream job of IPS, Resigned just before joining:10 साल का संघर्ष, ‘ड्रीम जॉब’ का सपना पूरा; लेकिन जॉइनिंग से ठीक पहले IPS अभिजीत रामदास का इस्तीफा!

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सर्च न्यूज: सच के साथ:ओडिशा कैडर के 2025 बैच के प्रशिक्षु (ट्रेनी) IPS अधिकारी चौधर अभिजीत रामदास ने सेवा में आधिकारिक तौर पर शामिल होने (जॉइनिंग) से ठीक पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 11 जुलाई 2026 को सामने आई इस खबर ने देश के प्रशासनिक और पुलिस हलकों में भारी हलचल मचा दी है। वे वर्तमान में हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में अपना पहला चरण का बुनियादी प्रशिक्षण ले रहे थे। ओडिशा पुलिस मुख्यालय ने भी उनके इस्तीफे की पुष्टि कर दी है, लेकिन अभी तक इस अप्रत्याशित फैसले के पीछे के सटीक आधिकारिक कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है

इस इस्तीफे ने सभी को इसलिए भी हैरान किया है क्योंकि युवाओं की “ड्रीम जॉब” मानी जाने वाली इस नौकरी को पाने के लिए अभिजीत रामदास ने करीब 10 साल तक कड़ा संघर्ष किया था। मूल रूप से महाराष्ट्र के बारामती क्षेत्र के रहने वाले अभिजीत का बचपन भारी गरीबी में बीता था, जहाँ उनके पिता ने मजदूरी कर परिवार चलाया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। वे लगातार असफलताओं के बाद भी पीछे नहीं हटे; 5 बार इंटरव्यू तक पहुंचे, एक बार तो महज 1 नंबर से चयन से चूक गए और आखिरकार साल 2024 (2025 बैच) में अपने आखिरी प्रयास में 487वीं रैंक हासिल कर वे IPS बने।

प्रशासनिक गलियारों में इस इस्तीफे को लेकर चर्चा और भी तीव्र हो गई है, क्योंकि इसके महज कुछ ही दिन पहले भुवनेश्वर के डीसीपी रहे सीनियर IPS अधिकारी जगमोहन मीणा ने भी अपनी 13 साल की सेवा के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) का विकल्प चुना था। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों मामलों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है, लेकिन एक ही हफ्ते के भीतर ओडिशा कैडर के दो अधिकारियों के अचानक सेवा छोड़ने के फैसले ने युवा सिविल सेवकों पर काम के दबाव और परिस्थितियों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।