सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर: टाटा पावर में कार्यरत ठेका मजदूरों से कथित तौर पर जबरन बॉन्ड भरवाने के आरोप को लेकर श्रमिक संगठनों ने विरोध जताया है। यूनियन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए श्रम विभाग से हस्तक्षेप करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में यूनियन प्रतिनिधियों ने श्रम विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा।
यूनियन का आरोप है कि ठेका मजदूरों पर दबाव बनाकर बॉन्ड भरवाया जा रहा है, जो श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन है। संगठन का कहना है कि मजदूरों को बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में असंतोष का माहौल है।यूनियन नेताओं ने मांग की है कि श्रम विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी श्रमिक पर इस प्रकार का दबाव न बनाया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा हो।वहीं, श्रम विभाग ने यूनियन की शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस मुद्दे ने औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों और कार्यस्थल पर पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।