September 5, 2026

Tata Group may return to Bengal:बड़ी खबर:20 साल बाद बंगाल में फिर लौट सकता है टाटा समूह,सीएम शुभेंदु ने संभाली कमान!

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सर्च न्यूज: सच के साथ: पश्चिम बंगाल के सिंगूर में टाटा समूह की संभावित वापसी को लेकर राज्य की राजनीति और औद्योगिक गलियारों में चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। राज्य में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने टाटा समूह को वापस लाने का भरोसा जताया है। सरकार का उद्देश्य किसानों के हितों और जनसहमति को ध्यान में रखते हुए राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

करीब दो दशक पहले, यानी साल 2006 में तत्कालीन वामपंथ सरकार ने सिंगूर में टाटा की महत्वाकांक्षी नैनो कार परियोजना के लिए करीब 1,000 एकड़ बहु-फसली उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके विरोध में ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक बड़ा और लंबा आंदोलन शुरू हुआ, जिसने राज्य की राजनीतिक दिशा को पूरी तरह बदल दिया। इस तीखे विवाद और विरोध प्रदर्शनों के कारण टाटा मोटर्स को साल 2008 में सिंगूर से अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर गुजरात के साणंद में अपने प्लांट को स्थानांतरित करना पड़ा था।

वर्तमान में, उद्योग विभाग के शुरुआती स्तर पर टाटा समूह के साथ बातचीत के प्रयास चल रहे हैं। हालांकि, सिंगूर शिल्प विकास समिति के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में यहां की जमीन की कीमतें करीब 15 गुना तक बढ़ चुकी हैं, जिससे केवल मुआवजे के तौर पर ही भारी-भरकम राशि की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, पहले अधिग्रहित की गई जमीन को किसानों को वापस लौटा दिया गया था, जो अब कंक्रीट मिलने के कारण खेती योग्य नहीं बची है। सरकार का कहना है कि वे सिंगूर और नंदीग्राम जैसी पुरानी गलतियों को दोहराए बिना, जबरन भूमि अधिग्रहण के बजाय एक संतुलित और पारदर्शी व्यापार नीति अपनाकर उद्योगों को बढ़ावा देंगे।