September 6, 2026

SIR पर अफवाह से मची हलचल, घर लौटने लगे प्रवासी मजदूर

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झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बीच एक अफवाह ने हजारों प्रवासी मजदूरों की चिंता बढ़ा दी है। गिरिडीह समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों से अपने गांव लौट रहे हैं। उन्हें डर है कि यदि समय पर मतदाता सूची का सत्यापन नहीं कराया गया तो उनका नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है और नागरिकता पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकता छिनने जैसी बातें पूरी तरह भ्रामक हैं।

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। इस अभियान के तहत आवश्यक दस्तावेज जमा करने और अन्य औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए पंचायत भवनों और प्रज्ञा केंद्रों में लोगों की भीड़ बढ़ गई है। सत्यापन के बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी, जबकि 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

जिला प्रशासन ने अभियान की प्रगति की समीक्षा तेज कर दी है। अधिकारियों ने विभिन्न गांवों का दौरा कर बीएलओ, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना तथा मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। साथ ही नए 18 वर्ष के युवाओं का नाम प्राथमिकता से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और समय रहते आवश्यक दस्तावेजों के साथ सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए सभी बीएलओ को निर्धारित समय पर बूथों पर उपस्थित रहने और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि अभियान में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।