September 6, 2026

‘School Thik Karo’ Campaign: CJP का दावा—Gen Z और Gen Alpha की आवाज के आगे झुकीं सरकारें

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सर्च न्यूज: सच के साथ: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने ‘School Thik Karo’ अभियान के असर को लेकर बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर चलाए गए इस अभियान ने कई राज्य सरकारों को बच्चों और युवाओं की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया है। CJP ने सोशल मीडिया पर कहा कि आंदोलन के दबाव के बाद सरकारों को “Gen Z और Gen Alpha की बात सुननी पड़ी” और उन्हें उनका हक देने की दिशा में कदम उठाने पड़े।

अभियान की शुरुआत CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 15 अगस्त को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी से की थी। अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना और कमियों को सामने लाना है। CJP ने स्कूलों के ऑडिट के लिए एक चेकलिस्ट तैयार की, जिसके जरिए पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, इमारत और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

अभियान के शुरुआती ऑडिट में कई सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की कमी, खराब या गंदे शौचालय, टूटी खिड़कियां, पर्याप्त बेंचों की कमी और शिक्षकों व बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं का दावा किया गया। हिंगोली के एक स्कूल में अभियान के बाद मरम्मत कार्य शुरू होने के साथ बच्चों के लिए बेंच और पहली बार कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराए जाने की भी जानकारी सामने आई।

CJP का कहना है कि यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और उसका लक्ष्य देश के दूरदराज इलाकों तक सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं को बेहतर बनाने का दबाव बनाए रखना है। इसी बीच राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹12,500 करोड़ की तीन-वर्षीय योजना की घोषणा की है। हालांकि, इन सरकारी कदमों को सीधे CJP के अभियान का परिणाम मानना पार्टी का दावा है; सरकारों की ओर से हर फैसले को अभियान से जोड़कर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।