सर्च न्यूज: सच के साथ: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षा के प्रश्नपत्रों में गंभीर गलतियां पाए जाने के बाद एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद, एजेंसी ने अपने 50 से अधिक कर्मचारी और अधिकारियों को सेवा से हटा दिया है। यह कड़ा फैसला तब आया जब एक विशेषज्ञ समिति ने पुष्टि की कि यूजीसी-नेट परीक्षा के अंग्रेजी, वाणिज्य (Commerce) और समाजशास्त्र (Sociology) के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, व्याकरण संबंधी और अनुवाद की भारी त्रुटियां थीं। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बहाल करना और उसमें पारदर्शिता लाना है।
इस बड़ी गड़बड़ी के कारण एनटीए को प्रभावित हुए तीनों विषयों की परीक्षाएं रद्द कर उनकी पुनः परीक्षा (Re-test) आयोजित करने का आदेश देना पड़ा है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों की पुनः परीक्षा 9 सितंबर को और समाजशास्त्र विषय की परीक्षा 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित उम्मीदवारों को इस पुनरावृत्ति परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, परीक्षा में बार-बार हो रही इस तरह की त्रुटियों और देरी के कारण विभिन्न छात्र संगठनों में भारी आक्रोश है और वे लगातार एनटीए की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।भविष्य में इस तरह की चूक को रोकने के लिए एनटीए अपने पूरे परीक्षा तंत्र का व्यापक कायाकल्प (System Overhaul) कर रहा है। इसके तहत तकनीकी और सुरक्षा स्तर पर 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों को विज्ञापित किया गया है। इनमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO), मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO), और परीक्षा सुरक्षा व अनुसंधान (Psychometrics) के महाप्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। साइबर सुरक्षा, प्रश्नपत्र डिजाइनिंग और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है ताकि भविष्य की सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पूरी तरह से त्रुटिहीन और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराई जा सकें।