September 6, 2026

MGM Hospital,Jamshedpur:मानदेय न मिलने से टूटी महिला होमगार्ड, MGM अस्पताल में फूट-फूटकर रोई,कहा:हमको पैसा दिलवा दीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे, छत से कूदकर जान दे देंगे”

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सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार सुबह ड्यूटी के दौरान एक भावुक और चिंताजनक स्थिति देखने को मिली, जहां सुरक्षा में तैनात एक आदिवासी महिला होमगार्ड जवान फूलकुमारी (निवासी: बोड़ाम थाना क्षेत्र) अचानक बीच परिसर में फूट-फूटकर रोने लगीं। पिछले पांच महीनों से मानदेय (वेतन) न मिलने के कारण वह भयंकर आर्थिक तंगी का सामना कर रही थीं। जब शनिवार सुबह उन्हें पता चला कि अगले सप्ताह भी बकाया मिलने की उम्मीद नहीं है, तो वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गईं और रोते हुए कहा, “हमको पैसा दिलवा दीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे, छत से कूदकर जान दे देंगे”

पीड़ित महिला जवान ने बताया कि वह पिछले छह महीनों से रीढ़ की गंभीर बीमारी और असहनीय दर्द से पीड़ित हैं। सरकारी अस्पतालों में आराम न मिलने के कारण वह पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में इलाज करा रही हैं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी है। ऑपरेशन के भारी खर्च के लिए जब उन्होंने अपने पति से मदद मांगी, तो उन्होंने मानदेय के पैसों से ही इलाज कराने की बात कही। पैसे न होने के कारण इलाज रुकने और घर की स्थिति बिगड़ने से हताश होकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी दी, जिसके बाद साथी जवानों ने पूछताछ केंद्र में बैठाकर उन्हें संभाला।

इस घटना के बाद एमजीएम प्रबंधन और जिला होमगार्ड विभाग में हड़कंप मच गया। अस्पताल के प्राचार्या डॉक्टर संजय कुमार ने आपातकालीन वार्ड में जाकर महिला जवान से मुलाकात की और उन्हें तुरंत निजी तौर पर आर्थिक सहायता प्रदान की। मामले पर सफाई देते हुए अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय से बजट आवंटन न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी 135 होमगार्ड जवानों का वेतन अटका हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जैसे ही मुख्यालय से फंड जारी होगा, प्राथमिकता के आधार पर सभी जवानों का शत-प्रतिशत लंबित भुगतान कर दिया जाएगा।

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