September 4, 2026

Monsoon Session 2026:”मानसून सत्र 2026: संसद में पेश होंगे 5 बड़े विधेयक, टैक्स, MSME, सुप्रीम कोर्ट और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में होंगे अहम बदलाव”

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सर्च न्यूज: सच के साथ: मानसून सत्र 2026: संसद में पेश हो सकते हैं 5 नए विधेयक – जानिए हर बिल का मतलब और आम जनता पर असर

1. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026: सरकार इस विधेयक के माध्यम से भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार (Sovereign Debt Market) को मजबूत करना चाहती है। प्रस्तावित संशोधन के तहत कुछ विदेशी संस्थागत निवेशकों को कर संबंधी राहत देने का प्रावधान है, जिससे विदेशी निवेश बढ़ेगा, बाजार में नकदी (Liquidity) आएगी और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

2. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास (संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक देश के करोड़ों छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को राहत देने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इसमें MSME को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, विवादों के शीघ्र समाधान तथा कारोबार को आसान बनाने के लिए कानून में बदलाव प्रस्तावित हैं। इससे छोटे उद्योगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

3. जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026: सरकार जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। इस विधेयक के लागू होने के बाद देर से पंजीकरण कराने के नियम और कड़े होंगे, जिससे फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी और सरकारी रिकॉर्ड अधिक विश्वसनीय बनेंगे।

4. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026: देश में लंबित मामलों का बोझ कम करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। विधेयक के अनुसार मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 की जा सकती है, जिससे मामलों का तेजी से निपटारा होने की उम्मीद है

5. राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और संविधान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े मौजूदा कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखता है। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रावधानों को अधिक प्रभावी और वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।

सत्र में इन लंबित विधेयकों पर भी हो सकती है चर्चा:

विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन विधेयक, 2026 – विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों में बदलाव।

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 – उच्च शिक्षा में UGC, AICTE और NCTE की जगह एक एकीकृत नियामक व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव।

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