November 4, 2026

जज्बे की मिसाल:बच्चों के सुखद भविष्य के लिए होमगार्ड भर्ती के फिजिकल ट्रायल में तपती धूप में साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ी रामगढ़ की कविता

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड के रामगढ़ जिले से एक ऐसी दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी को भावुक और प्रेरित कर दिया है. दुलमी प्रखंड के सोसो गांव की रहने वाली 28 वर्षीया कविता देवी ने होमगार्ड भर्ती के फिजिकल ट्रायल में हिस्सा लिया. खास बात यह रही कि जहां अन्य अभ्यर्थी आधुनिक ट्रैक सूट और स्पोर्ट्स शूज पहनकर मैदान में उतरे थे, वहीं कविता के पास बुनियादी संसाधनों की भारी कमी थी. वह बिना किसी विशेष तैयारी के, नीली साड़ी लपेटकर और कड़कड़ाती धूप में नंगे पांव रेतीली जमीन पर दौड़ पड़ीं.

कविता देवी के इस कठिन संघर्ष के पीछे एक बेहद भावुक कर देने वाली पारिवारिक कहानी है. करीब तीन वर्ष पूर्व बीमारी के कारण उनके पति दीपक महतो का निधन हो गया था, जिनके इलाज में पूरा परिवार भारी कर्ज में डूब गया. पति के जाने के बाद दो मासूम बच्चों और बूढ़े सास-ससुर के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी कविता के कंधों पर आ गई. वर्तमान में वे परिवार का पेट पालने के लिए एक ईंट-भट्ठे में कठिन मजदूरी करती हैं. इस विपरीत परिस्थिति के बावजूद खाकी वर्दी पहनने का सपना संजोए कविता रोज़ सुबह 4 बजे उठकर साड़ी में ही दौड़ने का कड़ा अभ्यास करती थीं.

शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान कविता ने अपने अदम्य साहस और अडिग हौसले से मैदान में मौजूद अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. महिलाओं के लिए निर्धारित 1,600 मीटर की दौड़ को पूरा करने के लिए जहां 10 मिनट का समय दिया गया था, वहीं कविता ने अपनी इस विकट परिस्थिति को मात देते हुए मात्र 6 मिनट 45 सेकंड में रेस पूरी कर ली. ट्रायल में सर्वोच्च अंक हासिल करने के बाद कविता ने नम आंखों से कहा कि उनकी जिंदगी भले ही मुश्किलों में बीत रही हो, लेकिन वे अपने बच्चों का भविष्य खराब नहीं होने देंगी. उनके इस अटूट जज्बे का वीडियो वायरल होने के बाद अब स्थानीय जनप्रतिनिधियों समेत समाज के कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं.

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