अमेरिका में ट्रंप को बड़ा झटका, दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का कब्जा ईरान युद्ध, महंगाई और सरकारी नीतियों से नाराज मतदाताओं ने बदला राजनीतिक समीकरण
2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव (US Midterm Elections) में डेमोक्रेटिक पार्टी की ऐतिहासिक जीत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों—प्रतिनिधि सभा और सीनेट—में बहुमत हासिल कर लिया है। इसे ट्रंप प्रशासन की नीतियों के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान युद्ध और महंगाई बनी बड़ी वजह: अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के साथ जारी युद्ध, बढ़ती महंगाई, जीवन-यापन की लागत और ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर मतदाताओं में असंतोष देखने को मिला। चुनाव में इसका असर रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ा। कई ऐसे राज्यों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जिन्हें पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
ट्रंप प्रशासन के सामने बढ़ेंगी चुनौतियां: कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत खोने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के लिए अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना पहले की तुलना में कठिन हो सकता है। डेमोक्रेट्स को अब सरकार की नीतियों की निगरानी, जांच और विधायी फैसलों पर प्रभाव डालने की अधिक ताकत मिलेगी।
*क्या होगा अमेरिकी राजनीति पर असर?राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इन चुनावी नतीजों से अमेरिका में राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ने की संभावना है। आने वाले समय में बजट, विदेश नीति, ईरान युद्ध और घरेलू आर्थिक मुद्दे अमेरिकी राजनीति के प्रमुख विषय बन सकते हैं।हालांकि, यह राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं, बल्कि मध्यावधि चुनाव है। डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे, लेकिन कांग्रेस में बदला हुआ बहुमत उनके कार्यकाल के शेष समय को राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना सकता है।
