November 4, 2026

टाटा स्टील का बड़ा कदम: 2045 तक कार्बन न्यूट्रल बनने की तैयारी में जमशेदपुर प्लांट, नई तकनीकों पर होगा भारी निवेश

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देश की प्रतिष्ठित इस्पात निर्माता कंपनी टाटा स्टील ने झारखंड के जमशेदपुर को पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक स्टील हब बनाने के लिए एक व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है। कंपनी ने साल 2045 तक पूर्ण रूप से कार्बन न्यूट्रल (Net-Zero Carbon) बनने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए टाटा स्टील अपने जमशेदपुर स्थित प्लांट में अत्याधुनिक और टिकाऊ हरित तकनीकों (Green Steel Technologies) को बड़े पैमाने पर लागू करने जा रही है, जिसके लिए विशेष पैनल और इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। [

इस परियोजना के अंतर्गत कंपनी जर्मनी के प्रतिष्ठित एसएमएस (SMS) ग्रुप के सहयोग से जमशेदपुर प्लांट के ‘E’ ब्लास्ट फर्नेस में ‘ईजीमेल्ट’ (EASyMelt) आयरनमेकिंग तकनीक का पहला वैश्विक औद्योगिक प्रदर्शन करने की तैयारी में है। यह एक पर्यावरण-अनुकूल और अत्यधिक लचीली तकनीक है जो पारंपरिक कोयले और जीवाश्म ईंधनों की खपत को 30 से 40 प्रतिशत तक कम कर देगी, जिससे स्टील उत्पादन के दौरान होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में 50 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी।

इसके साथ ही, टाटा स्टील जमशेदपुर में ही प्रदूषणकारी कोकिंग और सिंटरिंग प्रक्रियाओं से मुक्त ‘हिसारना’ (HIsarna) आधारित न्यू-एज प्लांट भी स्थापित करने की योजना पर आगे बढ़ रही है। इस दीर्घकालिक डीकार्बोनाइजेशन रणनीति के तहत कंपनी हाइड्रोजन गैस इंजेक्शन, कोल बेड मethane (CBM) इंजेक्शन और कार्बन कैप्चर यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को समाहित कर रही है। यह ऐतिहासिक निवेश न केवल पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देगा बल्कि वैश्विक स्तर पर जमशेदपुर को आधुनिक एवं हरित विनिर्माण के सबसे बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

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