November 4, 2026

झारखंड में संगठित अपराध पर पुलिस की सख्ती: 22 महीनों में 26 मुठभेड़ की रिपोर्ट, 33 बदमाश घायल और 3 ढेर

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रांची। झारखंड में संगठित अपराध, गैंगस्टरों और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 11 जनवरी 2025 से 27 अक्टूबर 2026 के बीच राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच करीब 26 मुठभेड़ों की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में तीन अपराधियों की मौत और 33 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। ये आंकड़े समाचार रिपोर्ट में संकलित विवरण पर आधारित हैं; इन्हें राज्य पुलिस के आधिकारिक समेकित आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


इसी अभियान के बीच 27 अक्टूबर 2026 को रांची के विधानसभा थाना क्षेत्र में नयासराय रेलवे लाइन के पास पुलिस और राहुल सिंह गिरोह से जुड़े बताए जा रहे दो संदिग्धों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, शाहिद अंसारी और शमशाद अंसारी मोटरसाइकिल पर सवार थे। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कथित तौर पर गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में शाहिद के पैर में गोली लगी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए रिम्स भेजा गया। पुलिस ने हथियार और कारतूस बरामद करने की भी जानकारी दी है।


रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में धनबाद में सबसे अधिक मुठभेड़ों की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि रांची और जमशेदपुर में भी कई कार्रवाई हुईं। इसके अलावा पलामू, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा और जामताड़ा जैसे जिलों में भी अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाए गए। पुलिस की इन कार्रवाइयों में कथित रंगदारी, गोलीबारी, लूट और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े संदिग्धों को निशाना बनाया गया है।
पुलिस का कहना है कि अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखकर और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, हर मुठभेड़ की परिस्थितियों, पुलिस के दावों और आरोपियों की भूमिका का आकलन संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाना जरूरी है। राज्य में अपराध नियंत्रण के इन प्रयासों का वास्तविक प्रभाव आगे की जांच, अभियोजन और न्यायिक परिणामों से अधिक स्पष्ट होगा।

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