सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड में फर्जी और अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने व्यापक स्तर पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने भौतिक सत्यापन और ई-केवाईसी (e-KYC) के माध्यम से ऐसे लाखों संदिग्ध व निष्क्रिय राशन कार्डों की पहचान की है, जिन्होंने लंबे समय से सरकारी अनाज नहीं उठाया है या नियमों का उल्लंघन कर इस योजना का अनुचित लाभ ले रहे हैं। प्रशासन ने अब तक राज्यभर में 2.21 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं, जबकि आंकड़ों के अनुसार लगभग 8 लाख और कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
इस जांच अभियान के दौरान बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जहां गरीबों के हक वाले अनाज पर संपन्न भू-स्वामी, आयकर दाता, चारपहिया वाहनों के मालिक और कंपनी संचालक अवैध कब्जा जमाए बैठे थे। नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे से बाहर होने के बावजूद ये लोग लगातार सरकारी राशन का उठाव कर रहे थे। विभाग ने ऐसे अपात्र लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ न सिर्फ कार्ड निरस्तीकरण बल्कि भारी जुर्माना वसूलने और जरूरत पड़ने पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के भी कड़े आदेश जारी किए हैं।कार्रवाई के इसी क्रम में रांची के रातू प्रखंड में प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 115 अपात्र राशन कार्डधारियों पर लगभग 3.5 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय जुर्माना लगाया है। इनमें से 45 ऐसे लाभार्थी पाए गए जिनकी सालाना आय 6 लाख रुपये से अधिक थी, तथा 70 लाभार्थी लग्जरी चारपहिया वाहनों के मालिक निकले। जिला प्रशासन ने संबंधित लोगों को 15 दिनों के भीतर जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा करने और स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर करने का अंतिम नोटिस थमाया है। तय अवधि में ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी