September 5, 2026

Malaria outbreak in Jamshedpur:जमशेदपुर में मलेरिया का बढ़ा प्रकोप, पोटका प्रखंड बना संक्रमण का केंद्र; एमजीएम अस्पताल (MGMMCH) को जांच के आदेश

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सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया और घातक ब्रेन (सेरेब्रल) मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिसने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंताएं अत्यधिक बढ़ा दी हैं। 12 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो हफ्तों के भीतर ही इस क्षेत्र में 1,826 से अधिक लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सरकार ने पूरे राज्य में विशेष रूप से प्रभावित इलाकों के लिए हेल्थ अलर्ट जारी किया है, और महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MGMMCH) के डॉक्टरों को इस अचानक फूटे प्रकोप के कारणों की वैज्ञानिक जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं

जिले का पोटका और डुमरिया ब्लॉक इस जानलेवा बीमारी का मुख्य हॉटस्पॉट बनकर उभरा है, जहां सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हाल ही में जादूगोड़ा के रहने वाले एक 25 वर्षीय युवक की एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान ब्रेन मलेरिया से मौत हो गई, जिसके बाद इस साल जिले में मलेरिया से जान गंवाने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 10 तक पहुंच चुकी है। इस स्वास्थ्य संकट के बीच पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और लापरवाही बरतने के आरोप में 11 डॉक्टरों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस थमाया गया है।

महामारी की रफ्तार को थामने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब युद्ध स्तर पर घर-घर जाकर बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग और टेस्टिंग अभियान चला रहा है। नए नियमों के मुताबिक, जिस भी गांव में मलेरिया का एक भी मरीज मिलेगा, वहां तीन दिनों के भीतर पूरे गांव के हर नागरिक की जांच सुनिश्चित की जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 125 डॉक्टरों और 200 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है, जो प्रतिदिन कम से कम 5,000 लोगों की जांच कर ऑन-द-स्पॉट दवाइयां बांट रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में जलजमाव को रोकने के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और मच्छरों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी तेजी से चलाए जा रहे हैं।