September 6, 2026

Jamshedpur:जमशेदपुर में फर्जी लोन ऐप्स का खुलासा, बिना CIBIL जांच के लोन का झांसा देकर डेटा चोरी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर में साइबर पुलिस ने ऐसे फर्जी मोबाइल लोन ऐप्स को लेकर लोगों को सतर्क किया है, जो बिना CIBIL स्कोर जांचे तुरंत लोन देने का दावा कर रहे हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि ऐसे कई ऐप किसी वैध वित्तीय संस्था से जुड़े नहीं थे। साइबर पुलिस के पास पहुंची 24 शिकायतों की जांच में लोन के नाम पर ठगी और निजी डेटा के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं।

जांच के अनुसार, इन ऐप्स में कम दस्तावेजों में और कुछ ही मिनटों में लोन उपलब्ध कराने का लालच दिया जाता था। आवेदन के दौरान ऐप्स मोबाइल के कॉन्टैक्ट, गैलरी, SMS और लोकेशन जैसी जानकारियों की अनुमति मांगते थे। अनुमति मिलते ही उपयोगकर्ता की निजी जानकारी ऐप संचालकों तक पहुंच सकती थी। कुछ मामलों में संपर्क सूची में मौजूद लोगों की जानकारी का इस्तेमाल दबाव बनाने और पैसे वसूलने के लिए किए जाने की शिकायत भी सामने आई

पुलिस के मुताबिक, ठगी का एक तरीका यह भी सामने आया कि ऐप के जरिए पहले कम राशि का लोन स्वीकृत होने का भरोसा दिया जाता था। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज, GST या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। रकम जमा करने के बावजूद लोन नहीं मिलता और फिर नए-नए शुल्क की मांग शुरू हो जाती थी।

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लोन ऐप का इस्तेमाल करने से पहले यह जरूर जांचें कि उसके पीछे मौजूद वित्तीय संस्था RBI से पंजीकृत है या नहीं और किसी वैध NBFC से उसका संबंध है या नहीं। बिना जरूरत किसी ऐप को कॉन्टैक्ट, गैलरी, SMS या लोकेशन जैसी संवेदनशील अनुमतियां नहीं देनी चाहिए

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि आसान और तुरंत लोन के लालच में अपनी निजी जानकारी साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो चुकी है, तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को शिकायत करनी चाहिए। भारत का राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकारी मंच है।

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