Jamshedpur Tatanagar Station MLA Saryu Dharna : यात्री ट्रेनें निर्धारित समय पर नहीं आएगी तो मालगाड़ी रोकेगी जनता
विरोध प्रदर्शन को इन्होंने दिया अपना समर्थन
अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन (मुकेश मित्तल), आदिवासी हो समाज, मुंडा समाज, उगता भारत संस्था, चित्रगुप्त कल्याण समिति, चैंबर ऑफ कामर्स, विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों ने अपना समर्थन दिया.
धरनास्थल पर इन अतिथियों का हुआ संबोधन
शिवशंकर सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, हेमंत पाठक, कन्हैया सिंह, मानव केडिया, अजय कुमार, पवन सिंह, अंजलि सिंह, प्रवीण सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, अजय कुमार गुप्ता, गोमिया सुंडी, राजू सिंह, भास्कर मुखी आदि.
धरना स्थल में किया परिवर्तन, कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा
तीन दिन पूर्व जो धरनास्थल तय किया गया था, रेलवे ने रातों-रात बड़े अफसरों के कहने पर उसे बदल दिया. इस संबंध में धरना के संयोजक अजय कुमार को कोई जानकारी नहीं दी गई. रात में वहां पर कारपेट बिछाकर बैनर भी लगाया गया था. सुबह कारपेट हटा हुआ मिला बैनर फाड़ दिया गया था. सुबह लगभग 9 बजे जब लोग वहां पहुंचने लगे तो धरना स्थल पर सख्त पुलिस पहरा देख सब आश्चर्यचकित रहे. धरना स्थल को रस्सी से चारों ओर घेर दिया गया था और उस घेरे में किसी को जाने नहीं दिया जा रहा था. बिना सूचना के धरनास्थल को बदल देने से जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट गया और अमित शर्मा, अमृता मिश्रा, आफताब अहमद सिद्दिकी समेत दर्जनों नेता नारेबाजी करने लगे. रेलवे सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे.
सरयू के पहुंचने पर छायादार स्थान में बिछाया कारपेट
रेलवे सुरक्षा बल का एक अधिकारी कार्यकर्ताओं से जहां रेल इंजन लगा हुआ है, वहां धरना देने के लिए धौंस जमाने लगा. यह सुन कई कार्यकर्ता उसी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इसी बीच धरना स्थल पर विधायक सरयू राय पहुंचे. उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया. रेलवे इंजन से 100 मीटर पहले उन्होंने छाया देख कर कहा कि यहीं धरना होगा. वहीं पर कारपेट और गद्दा बिछाया गया और धरना प्रारंभ हुआ. इस बीच रेलवे सुरक्षा बलों ने लोगों को चारों तरफ से घेर लिया था.
तेज धूप में भी डटे रहे धरना समर्थक
तेज धूप के कारण लोग इधर-उधर होकर भाषण सुनते रहे. वो थे तो धरनास्थल पर ही लेकिन जहां उन्होंने छांव देखी, वहीं बैठ गये. धूप तेज होने के बावजूद न तो सरयू राय धरनास्थल से सेकेंड भर के लिए हिले, न शिवशंकर सिंह और ना ही एक भी कार्यकर्ता. सैकड़ों की संख्या में पहुंचे स्त्री-पुरुष सेकेंड भर के लिए भी धरनास्थल से हटे नहीं. जब श्री राय का भाषण समाप्त हो गया, तब श्री राय के आग्रह पर लोग अपने-अपने गंतव्यों की तरफ निकले.
