सर्च न्यूज: सच के साथ: नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में सुधारों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 37 दिनों से चला आ रहा छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है। इस ऐतिहासिक आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके कर रहे थे। आंदोलनकारियों की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जिसके बाद सरकार पर बढ़ते दबाव के चलते उन्होंने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना धरना तो वापस ले लिया है, लेकिन संगठन के मुखिया अभिजीत दिपके ने साफ किया है कि यह केवल एक पड़ाव है, पूरी लड़ाई नहीं। दिपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर देश भर के युवाओं का आभार जताया और कहा कि 37 दिन का यह सफर बेहद मुश्किलों भरा रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर का आंदोलन भले ही खत्म हो गया है, लेकिन युवाओं के अधिकारों और जवाबदेही की लड़ाई अभी भी जारी रहेगी।अपनी भावी रणनीति को लेकर CJP प्रमुख ने संकेत दिए हैं कि संगठन जल्द ही देशव्यापी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हित में नई कार्ययोजना का खुलासा करेगा। इसके साथ ही, CJP प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज हुए कानूनी मुकदमों को वापस लेने और कथित पेपर लीक से प्रभावित पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग पर सरकार के साथ बातचीत जारी रखेगी। संगठन आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में जनजागरण अभियान चलाकर युवाओं को एकजुट करने की तैयारी में है।