September 5, 2026

NEET Paper Leak:नीट पेपर लीक विवाद के बाद बड़ा फैसला: दिग्गज टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि संभालेंगे परीक्षा सुधार समिति की कमान

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सर्च न्यूज: सच के साथ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम और X) पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए घोषणा की कि देश की परीक्षा पद्धति को पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के जनक नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक हाई पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत सरकार विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जिन भी अपराधियों ने छात्रों के भविष्य और परीक्षाओं के साथ खिलवाड़ किया है, वे आज जेल की सलाखों के पीछे सड़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कानूनी कदमों का ब्योरा देते हुए बताया कि सरकार ने इस तरह के मामलों के निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट (फास्ट-ट्रैक अदालतों) की स्थापना कर दी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि इस तरह की धांधलियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए संसद में कठोर कानूनी प्रावधानों से लैस एक नया कानून पारित कराने की दिशा में भी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है

अंत में उन्होंने भविष्य की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारी राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से भरोसेमंद और पारदर्शी होनी चाहिए, जिसमें आधुनिक तकनीक का अधिकतम और स्मार्ट उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में गठित यह उच्च स्तरीय टास्क फोर्स मुख्य रूप से एग्जामिनेशन रिफॉर्म्स (परीक्षा सुधारों) पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस समिति द्वारा सौंपी जाने वाली विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही आने वाली सभी प्रमुख प्रतियोगी और राष्ट्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता व शुचिता को समय रहते पूरी तरह बहाल किया जाएगा।