November 4, 2026

UPI के नए शुल्क नियमों पर फैसला दिवाली तक टला, NPCI ने नई तारीख नहीं की घोषित

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सर्च न्यूज: सच के साथ: नई दिल्ली: देश में डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों और व्यापारियों के बीच UPI लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर चर्चा तेज है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले को दिवाली के बाद तक टाल दिया है। यह व्यवस्था पहले 15 अक्टूबर 2026 से लागू होनी थी। NPCI के अनुसार, नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले ₹2,000 से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क लगाने का प्रावधान है। इस शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन निर्धारित की गई है। हालांकि, यह शुल्क सभी UPI भुगतानों पर लागू नहीं होगा। व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले सामान्य UPI ट्रांसफर और ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतानों को प्रस्तावित व्यवस्था से बाहर रखा गया है। छोटे व्यापारियों के लिए भी निर्धारित छूट का प्रावधान है।

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR शुल्क व्यापारी से संबंधित शुल्क है, ग्राहकों पर सीधे लगाया जाने वाला अलग UPI चार्ज नहीं। हालांकि, व्यापारी इस अतिरिक्त लागत को अपने कारोबार में किस तरह संभालते हैं, इसका असर बाजार की स्थिति पर पड़ सकता है। इसी वजह से व्यापारिक संगठनों और डिजिटल भुगतान क्षेत्र से जुड़े पक्षों ने त्योहारों के दौरान इस व्यवस्था को लागू करने पर चिंता जताई थी।

NPCI ने त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू करने की तारीख आगे बढ़ाई है, ताकि व्यापारियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। फिलहाल, दिवाली के बाद शुल्क लागू होने की अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए इसे 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाला निश्चित नियम बताना अभी सही नहीं होगा। नई तारीख और अंतिम दिशा-निर्देशों के लिए NPCI की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

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