टाटा संस की अहम बोर्ड मीटिंग में भविष्य की रणनीति पर मंथन, घाटे और निवेश को लेकर बनी बड़ी योजना
मुंबई: देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल Tata Sons की हालिया बोर्ड मीटिंग ने कॉरपोरेट जगत में हलचल बढ़ा दी है। मुंबई के बॉम्बे हाउस में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में समूह के भविष्य, घाटे में चल रहे कारोबार और नई निवेश रणनीतियों को लेकर लंबी चर्चा हुई। बैठक में टाटा संस के चेयरमैन N. Chandrasekaran, टाटा ट्रस्ट्स के प्रमुख Noel Tata समेत कई बड़े निदेशक मौजूद रहे।
बैठक में घाटे को कम करने, कर्ज नियंत्रित करने और आने वाले वर्षों के लिए मजबूत बिजनेस रोडमैप तैयार करने पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि समूह ने अगले तीन वर्षों में नुकसान कम करने और कारोबार को अधिक लाभकारी बनाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
इस बोर्ड मीटिंग को इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि Ratan Tata के निधन के बाद यह पहली बड़ी रणनीतिक बैठक थी। पिछले कुछ महीनों से समूह के भीतर नेतृत्व, निवेश और गवर्नेंस को लेकर चर्चाएं तेज थीं। हालांकि बैठक के बाद माहौल को “सौहार्दपूर्ण” बताया गया और किसी बड़े विवाद की पुष्टि नहीं हुई।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में टाटा संस के संभावित IPO और भविष्य की लिस्टिंग रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई, हालांकि इस पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया।
कॉरपोरेट विश्लेषकों का मानना है कि टाटा समूह अब पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर एआई, एविएशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल सेक्टर में बड़े दांव लगा रहा है। लेकिन इन क्षेत्रों में भारी निवेश के साथ बढ़ते घाटे ने समूह के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं।
अब सबकी नजर अगली बोर्ड मीटिंग पर टिकी है, जहां टाटा समूह अपने भविष्य के सबसे बड़े कारोबारी फैसलों पर आगे बढ़ सकता है।
