सर्च न्यूज: सच के साथ: नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम, जो 2013 के नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, को फिलहाल अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए उन्हें अपनी पसंद का प्रशिक्षित केयरटेकर (देखभालकर्ता) चौबीसों घंटे रखने की अनुमति प्रदान की है।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने स्वास्थ्य आधार पर दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि फिलहाल जमानत देने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा और मामले की सुनवाई जारी रहेगी।सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से बढ़ती उम्र और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है, इसलिए उन्हें अपनी पसंद का प्रशिक्षित केयरटेकर रखने की अनुमति दी जाती है, जो जेल में रहकर उनकी देखभाल कर सके।गौरतलब है कि आसाराम राजस्थान के जोधपुर में वर्ष 2013 में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं और वर्तमान में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए विभिन्न अदालतों में राहत की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल आसाराम को अंतरिम जमानत नहीं मिलेगी, लेकिन उनकी चिकित्सा देखभाल के लिए प्रशिक्षित केयरटेकर की व्यवस्था की जा सकेगी। मामले की अगली सुनवाई में अदालत अंतरिम जमानत की मांग पर आगे विचार करेगी।