Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या में बढ़ोतरी: राष्ट्रपति मुर्मू ने दी संशोधन अध्यादेश को हरी झंडी
सर्च न्यूज: सच के साथ: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की अधिकतम स्वीकृत संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने का फैसला किया है।
कानूनी प्रक्रिया और अध्यादेश: केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने आधिकारिक तौर पर साझा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 123(1) के तहत इस अध्यादेश को अपनी स्वीकृति दे दी है। इसके जरिए मूल रूप से ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956’ में आवश्यक संशोधन किया गया है।
संसद का अगला कदम: चूंकि यह तात्कालिक रूप से अध्यादेश (Ordinance) के माध्यम से प्रभावी हुआ है, इसलिए सरकार आगामी संसदीय सत्र में इसकी जगह एक नियमित संशोधन विधेयक पेश करेगी।
लंबित मामलों का भारी बोझ: सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में 80,000 से भी अधिक मामले लंबित पड़े हैं। मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए जजों की संख्या बढ़ाना अनिवार्य हो गया था।
न्याय प्रक्रिया में तेजी: अधिक न्यायाधीश होने से संवैधानिक पीठों (Constitutional Benches) और नियमित अपीलों की सुनवाई के लिए अधिक बेंचों का गठन सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में इससे पहले आखिरी बार बदलाव साल 2019 में किया गया था, जब जजों की स्वीकृत संख्या को 30 से बढ़ाकर 33 (CJI को छोड़कर) किया गया था।
