September 5, 2026

Ranchi’s Dr. Megha Rani makes history in handwriting:कलम की रफ्तार से हैरान हुई दुनिया: रांची की डॉ. मेघा रानी ने हस्तलेखन में रचा इतिहास, 120 मिनट में 120 मौलिक पृष्ठ लिखकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

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सर्च न्यूज:सच के साथ: रांची की डॉ. मेघा रानी ने महज 120 मिनट में 120 मौलिक हस्तलिखित पन्ने लिखकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्रतिष्ठित ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ और ‘इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ द्वारा आधिकारिक मान्यता दी गई है।

झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली हिंदी लेखिका और साहित्यकार डॉ. मेघा रानी ने दुनिया की सबसे तेज हिंदी हस्तलेखन (Handwriting) करने वाली महिला बनकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने डिजिटल दौर में भी कलम की ताकत का लोहा मनवाते हुए बिना रुके लगातार 120 मिनट (2 घंटे) तक लेखन किया और पूरे 120 मौलिक हस्तलिखित पृष्ठ तैयार कर दिए। ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के नियमों के तहत जजों की उपस्थिति में इस लाइव सत्र की पूरी जांच की गई, जिसके बाद उनके नाम यह अनोखा कीर्तिमान दर्ज हुआ।

इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग हस्तलेखन सत्र के दौरान डॉ. मेघा रानी ने जो 120 पन्ने लिखे, वे पूरी तरह झारखंड की कला, संस्कृति और इसके समृद्ध इतिहास पर आधारित हैं। उनकी इस पूरी मौलिक पांडुलिपि को बहुत जल्द एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा, जिसका नाम ‘अपन झारखंड’ रखा गया है। यह पुस्तक राज्य की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को पाठकों के सामने नए दृष्टिकोण से पेश करेगी। इससे पहले भी उनकी पुस्तक ‘श्रीकृष्ण लीला’ को ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में स्थान मिल चुका है।

अपनी इस अपार सफलता पर डॉ. मेघा रानी ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी यह बड़ी उपलब्धि पूरी तरह से उनकी मातृभाषा हिंदी और जन्मभूमि झारखंड को समर्पित है। उन्होंने कहा कि मजबूत इरादों के दम पर छोटे शहरों के युवा भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी इस शानदार कामयाबी से उनके परिवार, शिक्षकों और पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है और वे राज्य की अन्य बेटियों व युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी हैं।