Ram Mandir,Ayodhya:राम मंदिर के पहले CEO पर कल लगेगी मुहर, चयन समिति ने ट्रस्ट को सौंपा तीन नामों का पैनल
सर्च न्यूज: सच के साथ: अयोध्या, 1 सितंबर 2026: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी। समिति ने तीन योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया है। अब इन तीन नामों में से एक नाम पर ट्रस्ट बुधवार, 2 सितंबर को अंतिम फैसला ले सकता है।
तीन सदस्यीय समिति ने तैयार किया पैनल: CEO चयन समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े शामिल हैं। समिति ने उम्मीदवारों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया और मंगलवार को इसे ट्रस्ट के सामने प्रस्तुत कर दिया।
2 सितंबर को ट्रस्ट की अहम बैठक: अब सभी की निगाहें 2 सितंबर की ट्रस्ट बैठक पर टिकी हैं। बैठक में तीन नामों वाले पैनल पर विचार किया जाएगा और इनमें से किसी एक व्यक्ति को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किए जाने की संभावना है। CEO की नियुक्ति के साथ मंदिर की प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बढ़ती श्रद्धालु संख्या, मंदिर परिसर के विस्तार, विभिन्न परियोजनाओं, कर्मचारियों और दैनिक संचालन जैसे कार्यों के बेहतर समन्वय में CEO की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
CEO के अधिकार और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा: ट्रस्ट की आगामी बैठक में केवल CEO के नाम पर ही फैसला नहीं होना है। ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, प्रबंधन से जुड़े नियमों और ट्रस्ट डीड में संभावित संशोधन पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित व्यवस्था में महासचिव और CEO के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन तथा प्रशासनिक अधिकारों को निर्धारित करने पर विचार किया जा सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है CEO की नियुक्ति? राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के विस्तार को देखते हुए एक पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। CEO मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था, प्रबंधन, कर्मचारियों के समन्वय और विभिन्न विकास कार्यों को व्यवस्थित करने में ट्रस्ट की सहायता करेगा।
अब 2 सितंबर की बैठक में तय होगा कि 5,585 आवेदनों से शुरू हुई इस लंबी चयन प्रक्रिया के बाद राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।
