November 3, 2026

राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मोहलत: चेक बाउंस केस में आदेश न मानने पर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की अंतिम चेतावनी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में धन राशि जमा न करने पर कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके इस घमंड को सही जगह पर लाने की जरूरत है और उनकी सही जगह जेल में ही है. यह तल्ख टिप्पणी तब आई जब अभिनेता पिछली समय सीमा बीत जाने के बाद भी अदालत के निर्देशों का पालन करने में पूरी तरह विफल रहे.

न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहाना शामिल थे, इस बात से काफी नाराज दिखे कि राजपाल यादव ने निर्धारित ₹2 करोड़ की राशि जमा नहीं की थी. अदालत में सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने जब शिकायतकर्ता की आर्थिक स्थिति को लेकर दलील दी, तो जस्टिस बागची ने पलटवार करते हुए कहा कि वे भले ही आपसे अमीर हों, लेकिन वे उस सीमा तक गरीब हैं जितना आपने उन्हें ठगा है. हालांकि, शीर्ष अदालत ने अभिनेता को एक ‘आखरी मौका’ देते हुए बची हुई रकम को जमा करने की मोहलत बढ़ा दी है.

यह पूरा विवाद साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली की एक निजी फर्म ‘मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से लगभग ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता ली थी. इसके बाद कर्ज अदायगी के लिए उनके द्वारा दिए गए सात चेक एक-एक करके बाउंस हो गए, जिसके बाद यह मामला कानूनी पचड़े में फंस गया. ब्याज और अन्य शुल्कों के साथ अब यह विवादित रकम बढ़कर काफी अधिक हो चुकी है, जिससे निपटने के लिए अदालत ने उन्हें समर्पण करने से अंतरिम राहत देते हुए यह सख्त अल्टीमेटम दिया है.

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