November 3, 2026

मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई

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दिल्ली पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अनुशासन के घोर उल्लंघन को लेकर की गई है। हाल ही में पूर्वी दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प और उसके बाद दो पुलिस अधिकारियों के तबादले के विरोध में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने मुख्यालय के बाहर धरना दिया था, जिसका नेतृत्व खुद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ कर रहे थे।

इस पूरे विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर 2026 को हुई थी, जब शाहदरा थाने में एक वकील के साथ मारपीट के बाद भारी संख्या में वकील थाने पहुंचे थे। वकीलों का आरोप था कि तत्कालीन गांधी नगर के एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा के एसएचओ अरुण कुमार ने उन्हें अपनी रिवॉल्वर दिखाकर डराया और धमकाया। इसके बाद वकीलों ने अदालतों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी, जिसे शांत करने के लिए वरिष्ठ पुलिस प्रशासन ने दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फैसले से पुलिस बल के एक धड़े में गहरी नाराजगी फैल गई और अपनी सुरक्षा व मान-सम्मान की मांग को लेकर पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से सीधे मुलाकात के लिए मुख्यालय का घेराव किया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) बनाने और वकीलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने जैसी कई मांगें रखी थीं। हालांकि, एक अनुशासित बल के अधिकारी द्वारा विभाग के फैसले के खिलाफ खुलेआम सार्वजनिक प्रदर्शन में शामिल होने और मीडिया के सामने अल्टीमेटम देने को गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया और यह सख्त कदम उठाया। इस निलंबन की कार्रवाई के बाद रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने अपना कार्य बहिष्कार वापस ले लिया है, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट ने वकीलों को इस पूरे मामले में औपचारिक याचिका दायर करने का निर्देश दिया है।

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