September 6, 2026

Rahul Gandhi comes out in support of protesting students in Jharkhand: झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग का किया समर्थन

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सर्च न्यूज: सच के साथ: रांची, 7 अगस्त 2026: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी समर्थन मिला है। राहुल गांधी ने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग का समर्थन किया।

झारखंड में छात्र लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कई स्तरों पर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। रांची में छात्रों ने जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भर्ती प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।

राहुल गांधी ने छात्रों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि सरकारों को युवाओं और छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को केवल किसी एक सरकार तक सीमित नहीं रखते हुए केंद्र, राज्य और सभी सरकारों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने की बात कही। राहुल गांधी लंबे समय से पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता, महंगी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। कांग्रेस ने इसके तहत ‘छात्रों की गूंज’ अभियान भी शुरू किया है, जिसमें छात्रों को परीक्षा व्यवस्था, फीस और रोजगार से जुड़ी अपनी समस्याएं सामने रखने का मंच देने की बात कही गई है।

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, कथित अनियमितताओं की जांच, अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान और भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता शामिल है। छात्रों ने कहा है कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। राहुल गांधी के समर्थन के बाद यह मुद्दा राजनीतिक स्तर पर भी और अधिक चर्चा में आ गया है। वहीं, छात्रों की मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी निगाहें बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।