September 4, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में आयोजित 26वें (SCO) शिखर सम्मेलन में लिया हिस्सा, दिया आतंकवाद पर सख्त संदेश—“दोहरे मानदंड नहीं चलेंगे”, Security-Connectivity-Opportunity पर जोर

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सर्च न्यूज: सच के साथ: बिश्केक, 1 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस वर्ष का सम्मेलन खास है क्योंकि SCO अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को SCO के अगले 25 वर्षों की प्राथमिकता बताया।

आतंकवाद पर मोदी का सख्त रुख: प्रधानमंत्री मोदी ने SCO मंच से आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद को किसी भी देश की नीति के तहत ‘रणनीतिक साधन’ के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम—फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों—को खत्म करने के लिए सामूहिक कार्रवाई की जरूरत बताई और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंड नहीं होने चाहिए।

सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर—भारत की तीन प्राथमिकताएं: मोदी ने SCO के लिए भारत की सोच को तीन प्रमुख स्तंभों में रखा—Security, Connectivity और Opportunity। उन्होंने कहा कि साझा भूगोल को साझा अवसरों में बदलने की जरूरत है और सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहकर आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। युवाओं, उद्यमियों और तकनीक को क्षेत्रीय विकास से जोड़ने पर भी उन्होंने जोर दिया।

मोदी-शी जिनपिंग और पुतिन से मुलाकात: शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत और मुलाकात भी चर्चा में रही। ग्रुप फोटो से पहले मोदी और शी जिनपिंग ने हाथ मिलाया, जबकि रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ नजर आए। इन मुलाकातों को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक भू-राजनीति तेजी से बदल रही है

पुतिन के साथ भारत-रूस संबंधों पर चर्चा: मोदी ने पुतिन के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठक भी की। दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष, आर्थिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र के संघर्षों तथा उनके व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा हुई।

ईरान और आर्मेनिया के नेताओं से भी बातचीत: SCO बैठक के इतर मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान सहित अन्य नेताओं से भी मुलाकात की। भारत ने इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

भारत का संदेश साफ: साझा भूगोल से साझा अवसरों तक: मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि SCO को अगले 25 वर्षों में दृष्टि से परिणामों और सरकार-केंद्रित सहयोग से जनता-केंद्रित साझेदारी की ओर बढ़ना चाहिए। भारत का लक्ष्य सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार, तकनीक, युवाओं के लिए अवसर और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।

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