November 3, 2026

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों पर ट्रंप का बड़ा बयान, इमिग्रेशन को ठहराया जिम्मेदार; बोले- ‘देर होने से पहले सीमाएं बंद करो’

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सर्च न्यूज: सच के साथ: पेरिस: फ्रांस में 17 अक्टूबर को हुए व्यापक प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं ने देश की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ती महंगाई, जीवनयापन की लागत, शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर शुरू हुए प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। हालांकि, कई स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गए। प्रदर्शनकारियों के कुछ समूहों ने दुकानों और सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाया, वाहनों में आग लगाई और पुलिस के साथ संघर्ष किया।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में फैली अशांति के लिए इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराया। सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणी में उन्होंने फ्रांस की स्थिति पर चिंता जताते हुए सीमाएं बंद करने और उन पर नियंत्रण मजबूत करने की अपील की। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब फ्रांस में हिंसा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों ने हिंसा के लिए कट्टरपंथी समूहों और उपद्रवियों को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में ट्रंप की टिप्पणी ने फ्रांस में जारी संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।

फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, हिंसक घटनाओं के सिलसिले में देशभर में लगभग 1,800 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पेरिस क्षेत्र में गिरफ्तारियों की संख्या 855 बताई गई। कई शहरों में दुकानों, वाहनों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इस घटनाक्रम ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बहाल करने और जनता की नाराजगी दूर करने की दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। फिलहाल, फ्रांस में हिंसा के कारणों, प्रदर्शनकारियों की मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर बहस जारी है।

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