टाटा वर्कर्स यूनियन में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर विवाद, कोषाध्यक्ष ने दी कड़े कदम उठाने की चेतावनी
जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील के कर्मचारियों की प्रतिष्ठित प्रतिनिधि संस्था टाटा वर्कर्स यूनियन में आंतरिक घमासान तेज हो गया है। यूनियन के कोषाध्यक्ष अमोद कुमार दुबे ने पिछले चार महीनों से संगठन का वित्तीय लेखा-जोखा लंबित होने और कार्यकारिणी की बैठक न बुलाए जाने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। इस संबंध में उन्होंने संघ के अध्यक्ष को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपनी गंभीर आपत्तियों से अवगत कराया है।कोषाध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि लंबे समय से अटके खातों की त्वरित समीक्षा कर उन्हें कार्यकारिणी समिति (एग्जीक्यूटिव कमेटी) से मंजूरी नहीं दिलाई गई, तो वे यूनियन के बैंक खातों के संचालन को पूरी तरह से निलंबित करने पर मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने संगठन के संविधान का हवाला देते हुए याद दिलाया कि हर दो महीने में कमेटी की बैठक बुलाना अनिवार्य है ताकि वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
