November 3, 2026

पैतृक गांव नेमरा में पंचतत्व में विलीन हुईं रूपी सोरेन, भावुक हुए सीएम हेमंत सोरेन

file_0000000041b481f59093532d9cc5f7c6

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और झामुमो के दिवंगत शीर्ष नेता ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रामगढ़ जिले के नेमरा में संथाली रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हो गया। लंबी बीमारी के बाद रांची के हिल व्यू अस्पताल में बुधवार शाम को उनका निधन हो गया था। गुरुवार को दोपहर बाद उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से नेमरा स्थित पैतृक आवास लाया गया, जहां परिजनों, समर्थकों और राज्य के प्रमुख राजनेताओं ने उन्हें नम आंखों से अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।अंतिम विदाई के दौरान पूरा माहौल बेहद गमगीन हो गया। अपनी मां के अंतिम संस्कार के समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और फूट-फूटकर रो पड़े। वहां मौजूद परिजनों और शुभचिंतकों ने ढांढस बंधाकर मुख्यमंत्री को संभाला।

इसके बाद बरलंगा/नाड़ी दरहा घाट (ढेकानाला घाट) पर पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई, जहां पुत्र हेमंत सोरेन ने नम आंखों से अपनी मां को मुखाग्नि दी। गौरतलब है कि इसी घाट के समीप कुछ समय पहले दिवंगत नेता शिबू सोरेन की भी अंत्येष्टि की गई थी।रूपी सोरेन के निधन पर देश और राज्य के राजनीतिक व सामाजिक हलकों में गहरा शोक व्यक्त किया गया है। उनकी अंतिम यात्रा और विदाई में शामिल होने के लिए पक्ष-विपक्ष के कई वरिष्ठ विधायक, सांसद, राज्य के मंत्री और भारी संख्या में ग्रामीण व जेएमएम कार्यकर्ता नेमरा पहुंचे।

संभावित भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। माता के असमय जाने से सोरेन परिवार और पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई है।

You may have missed