September 5, 2026

Overhaul of the BDO-CO system in Jharkhand: झारखंड में BDO-CO व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब पंचायतों की संख्या तय करेगी अधिकारियों की तैनाती, संकल्प जारी।

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) की तैनाती नियमावली में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा इस युक्तिसंगत पदस्थापन (Rational Posting) नीति से संबंधित आधिकारिक संकल्प (नोटिफिकेशन) जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में इस नए वर्गीकरण को मंजूरी दी गई थी।

इस नई व्यवस्था के तहत अब राज्य की सभी प्रशासनिक इकाइयों में BDO और CO दोनों पदों पर अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती अनिवार्य नहीं होगी। सरकार ने 12 पंचायतों को नया पैमाना (कट-ऑफ) माना है। जिन प्रखंडों या अंचलों के अंतर्गत 12 या उससे कम पंचायतें आती हैं, वहां प्रशासनिक कार्यभार को देखते हुए अब केवल एक ही अधिकारी पदस्थापित किया जाएगा। यह एकल अधिकारी ही विकास (BDO) और राजस्व (CO) दोनों विभागों की दोहरी जिम्मेदारी संभालेगा।राज्य में ऐसे कम पंचायत वाले कुल 107 प्रखंड और अंचल चिह्नित किए गए हैं। सरकार के निर्णय के अनुसार, इनमें से 53 अंचलों में तैनात अंचल अधिकारी (CO) को अतिरिक्त रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) का प्रभार सौंपा जाएगा। वहीं शेष 54 प्रखंडों में पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को अपने कार्यों के साथ-साथ अंचल अधिकारी (CO) की भी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके विपरीत, 12 से अधिक पंचायतों वाले बड़े 164 प्रखंडों में पहले की तरह स्वतंत्र रूप से BDO और CO दोनों अधिकारी तैनात रहेंगे।

सरकार का मानना है कि पहले कई छोटे क्षेत्रों में एक ही अधिकारी पर दोनों विभागों का दबाव रहता था या वरिष्ठ अधिकारियों का सही ढंग से उपयोग नहीं हो पा रहा था, जिससे विकास योजनाएं और राजस्व मामले प्रभावित होते थे। पंचायतों की संख्या के आधार पर किए गए इस नए युक्तिकरण से प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इस पारदर्शी व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों और जमीन-राजस्व से जुड़े मामलों के निष्पादन में काफी तेजी आएगी।