September 4, 2026

Koderma : नोटबंदी के दौरान फर्जी ट्रांजैक्शन मामला,10 साल पुराने नोटबंदी घोटाले में झारखंड से पकड़ाया आरोपी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने वर्ष 2016 के एक दशक पुराने नोटबंदी घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के कोडरमा से बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के शाखा प्रबंधक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पटना स्थित निगरानी न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद ईओयू की विशेष टीम ने शुक्रवार को कोडरमा के डोमचांच स्थित फुलवरिया शाखा से आरोपी को दबोचा। मूल रूप से दानापुर (बिहार) के निवासी अरविंद कुमार वर्तमान में झारखंड की इस शाखा में पदस्थापित थे।

जांच के अनुसार, साल 2016 में नोटबंदी के समय आरोपी अरविंद कुमार बैंक ऑफ इंडिया की गया मुख्य शाखा में तैनात था। आरोप है कि उसने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर नियमों की अनदेखी की और एक खाताधारक, राजेश कुमार, की जानकारी और सहमति के बिना उनके बैंक खाते का दुरुपयोग करके लगभग 2 करोड़ रुपये का संदिग्ध और अवैध लेन-देन किया था। इस धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित राजेश कुमार ने गया के सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच ईओयू को सौंपी गई थी, जिसने विस्तृत बैंकिंग रिकॉर्ड्स खंगालने के बाद इस धोखाधड़ी में अरविंद कुमार की संलिप्तता के पुख्ता सबूत पाए। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में जांच एजेंसी अब तक चार अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। फिलहाल गिरफ्तार बैंक मैनेजर को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि नोटबंदी के दौरान काले धन को सफेद करने वाले इस पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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