किशनगंज में 30 पंचायत सचिव सस्पेंड, सरकारी कामकाज ठप होने पर DM की बड़ी कार्रवाई
बिहार के किशनगंज जिले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पंचायत सचिवों पर अनधिकृत अनुपस्थिति, हड़ताल और सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि लगातार ड्यूटी से गायब रहने के कारण आम जनता से जुड़े कई जरूरी काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे।
प्रशासन ने यह भी बताया कि कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का काम प्रभावित हो रहा था। इनमें 15वें वित्त आयोग की योजनाएं, षष्ठम राज्य वित्त आयोग योजना और मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों पर भी असर पड़ने लगा था, जिससे प्रशासनिक कामकाज धीमा पड़ गया था।
जिलाधिकारी Vishal Raj ने इसे सरकारी नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए सख्त कदम उठाया। आदेश में कहा गया है कि बिहार ग्राम पंचायत सचिव नियमावली 2011 और बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के तहत पंचायत सचिवों के लिए अपने दायित्वों का पालन करना अनिवार्य है। लगातार अनुपस्थित रहना नियमों के खिलाफ माना गया है।
निलंबन के दौरान सभी पंचायत सचिवों को केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर आरोप पत्र तैयार कर भेजने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
