केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार सार्वजनिक मंच से Gen Z और युवा शक्ति को बताया बदलाव की ताकत, बोले—युवा पीढ़ी को नजरअंदाज करना संभव नहीं
सर्च न्यूज: सच के साथ: नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार सार्वजनिक मंच से Gen Z और युवा शक्ति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में नई सोच, ऊर्जा और बदलाव की क्षमता है, जिसे किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
प्रधान का यह बयान उनके इस्तीफे के बाद सामने आया है। नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच उन्होंने 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। इस दौरान देशभर में छात्रों की नाराजगी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग प्रमुख मुद्दा बनी रही। अपने संबोधन में प्रधान ने युवा पीढ़ी की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि Gen Z सिर्फ नई पीढ़ी नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण ताकत है। उन्होंने युवाओं की सक्रियता, सवाल पूछने की क्षमता और बेहतर व्यवस्था की मांग को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी संकेत दिया कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय बहस के केंद्र में हैं।