November 6, 2026

JSSC Gets Relief From Jharkhand HC. महिला सुपरवाइजर भर्ती में बड़ा मोड़ |

1200-675-19606628-thumbnail-16x9-highcourt

सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड में महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें दस्तावेज सत्यापन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द करने के JSSC के फैसले को निरस्त किया गया था। यह आदेश 2 सितंबर 2026 को आया।

दरअसल, महिला सुपरवाइजर के 444 पदों पर भर्ती के दौरान दस्तावेज सत्यापन में कुछ अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। अभ्यर्थियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 15 मई 2026 को जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने JSSC के फैसले को निरस्त करते हुए संबंधित अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया था।

इसके बाद JSSC ने एकल पीठ के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की खंडपीठ में अपील दाखिल की। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने JSSC की अपील पर सुनवाई करते हुए फिलहाल एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी है। मामले में JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और जयप्रकाश ने पक्ष रखा।

मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी। भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब इस सुनवाई पर है। विवाद का मुख्य मुद्दा यह भी रहा है कि भर्ती के विज्ञापन में सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी और होम साइंस में तीन वर्षीय ऑनर्स डिग्री की अनिवार्यता स्पष्ट रूप से दी गई थी या नहीं।