September 6, 2026

झारखंड में टाटा स्टील का ₹10 हजार करोड़ दांव, 2,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार

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रांची/जमशेदपुर: टाटा स्टील ने झारखंड, विशेषकर जमशेदपुर, में वर्ष 2028 तक 10,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश की योजना बनाई है। इस निवेश का उद्देश्य स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ाना, अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाना और पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील निर्माण को बढ़ावा देना है। कंपनी का मानना है कि इससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

कंपनी की योजना के तहत करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से कम कार्बन उत्सर्जन वाली ईजीमेल्ट (EASyMelt) और हिसरना (HIsarna) जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू किया जाएगा। इसके अलावा लगभग 2,600 करोड़ रुपये से टिनप्लेट डिवीजन का विस्तार और 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कांबी मिल परियोजना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय प्रभाव को बेहतर बनाना है।

इस निवेश से राज्य में करीब 2,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रत्येक प्रमुख परियोजना से लगभग 600 से 700 नए रोजगार सृजित होंगे। साथ ही कंपनी भारत में अपनी कुल स्टील उत्पादन क्षमता को मौजूदा 2.73 करोड़ टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 4 करोड़ टन प्रतिवर्ष करने की दिशा में भी काम कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि झारखंड के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को भी मजबूती देगा। ग्रीन स्टील तकनीक पर बढ़ता फोकस भारत के टिकाऊ औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टाटा स्टील की स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।