November 3, 2026

झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा 36 घंटे के लिए ठप: 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

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सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. इसके तहत राज्यभर में 108 एंबुलेंस सेवा को 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से लेकर 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक, यानी कुल 36 घंटे के लिए पूरी तरह बाधित रखने का निर्णय लिया गया है. एंबुलेंस कर्मियों के इस कार्य बहिष्कार के कारण प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 16 अक्टूबर को सैकड़ों कर्मचारी रांची स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यालय के समक्ष अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी कर रहे हैं.कर्मचारी संघ का आरोप है कि पिछले महीने 16 सितंबर को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनकी समस्याओं का 15 से 20 दिनों के भीतर समाधान करने का भरोसा दिया गया था. हालांकि, एक महीना बीत जाने के बाद भी सरकार और संबंधित संचालक एजेंसी ‘सम्मान फाउंडेशन’ द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. कर्मचारियों की मुख्य मांगों में जुलाई महीने से रुके हुए लंबित वेतन का भुगतान, नौकरी से गैर-कानूनी तरीके से बर्खास्त किए गए कर्मियों की पुनः बहाली, ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI), ओवरटाइम और न्यूनतम वेतन जैसे वैधानिक श्रमिक अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है. इसके अतिरिक्त, वे निजी एजेंसियों के बजाय जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से एंबुलेंस सेवा का संचालन करने की मांग कर रहे हैं.

संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू और अध्यक्ष नीरज तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यदि इस सांकेतिक विरोध के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो 21 अक्टूबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी. दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने संचालक एजेंसी को आपातकालीन सेवाओं को चालू रखने के लिए सभी जिलों में वैकल्पिक चालकों और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) की तैनाती करने का सख्त निर्देश दिया है, ताकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता मिल सके.

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